Friday, 15 November 2019

Audio 28 
3rd nov, 2019
उपासना क्यों??


आत्मा का जब परमात्मा से संबंध होता है ,
उसकी समीपता का अद्भुत आनंद होता है ।


समर्पण का भाव जब उपासना में उतरता है,
 तो व्यक्ति अपने आपको ईश्वर को सौंप को देता है।


नित मन के मैल धोने को उपासना आवश्यक है,
भाव शुद्ध हों तभी इष्ट से एकाकार होना संभव है।


उपासना का वटवृक्ष बनने हेतु, आज इसका बीज बोएं,
ईश्वर का सानिध्य, अनुग्रह पाकर , 
एक श्रेष्ठ जीवन जिएं।


श्री सद्गुरु अर्पणमस्तु🙏🏼🙏🏼


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Audio 29
4th Nov
जय गुरुदेव


*उपासना क्यों ??*


उपासना का लक्ष्य आत्म कल्याण है,
महामानवों का जीवन इसका प्रमाण है।


फलित होने की एकमात्र शर्त आशक्तियों का त्याग है,
तभी जाकर मिलता रिद्धि-
 सिद्धि का साथ है।


स्वयं प्रकाशित हो औरों को प्रकाशित कर पाना ,
इस हेतु अत्यावश्यक है उपासना का आश्रय लेना।


मलिनता केवल बाहरी नहीं होती,
कुविचारों से मन भी नित मैला होता है,
स्वाध्याय, सत्संग, उपासना से, मन की शुद्धता का प्रयोजन पूरा होता है।


उपासना जब दिनचर्या का अंग बन जाता है,
ईश्वर भी स्वयं प्रगति पथ में सहायक हो जाता है।


गुरु चरणों में अर्पित🙏🙏


उपासना, समर्पण, योग वांग्मय, ch -2
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5 नवंबर, 2019
Audio 30
*उपासना क्यों ??*


 स्वच्छ निर्मल आकाश पर जैसे,
 धूल, कोहरा छा जाता है,
 वैसे ही विचारों का आवरण भी , 
मन को आच्छादित करता जाता है।


इस आवरण से घिर जाने से, मन की क्षमताएं घट जाती हैं,
अपनी अपार शक्ति क्षमता की,
पहचान न उसको रह जाती है।


हर विचार शील का हो लक्ष्य यही,
स्वच्छता जीवन का अनिवार्य अंग बने,
मन असीम क्षमताओं का
एक सशक्त भंडागार बने।


अतः केवल बहिरंग की ही नहीं,
 अंतरंग की भी स्वच्छता अति आवश्यक है
मन को कुव्यवस्थाओं से बचाए रखने में,
 मात्र उपासना ही सहायक है।


सद्गुरु अर्पणमस्तु🙏🏼🙏🏼
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Audio 31
6th nov 2019


*उपासना क्यों ???*
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आत्मोत्कर्ष व प्रखरता प्राप्ति हेतु,
सतत् अभ्यास जरूरी है ,
मन ही वह औजार है जिसे,
हमेशा  धारदार रखना जरूरी है।


आत्मा का भोजन उपासना है,
 जीवन उत्कृष्ट बनाने की यह साधना है।


 ईष्ट और जीव के मध्य घनिष्ठ संबध को,
 जान लेने की यह विधा है,


 केवल ईश्वर ही हमारा सच्चा प्रेमी और सहायक है,
 यही जान लेने का नाम *उपासना* है।


गुरु चरणों में अर्पित🙏🏼🙏🏼
अनिता, कोलकाता


*उपासना समर्पण योग वांग्मय*
Ch - 2


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7th nov, 2019
Audio 32


*उपासना क्यों ????*
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उपासना में प्रभाव व अनियमितता का न होना,
उसके प्रति रूचि का अभाव है
प्रेम का मोलतोल करना,यह तो सांसारिक स्वभाव है।


 ईश्वर और जीव के मध्य घनिष्ठ आत्म भाव है,
इसे समझ लेने वाले का , होता दूर सभी अभाव है।


उपासना की उपेक्षा से जीवन बोझिल बन जाता है।
ईश्वर का सानिध्य अनुग्रह पाकर,
कुछ और पाना शेष नहीं रह जाता है ।।


गुरु चरणों में अर्पित 🙏🙏
अनिता, कोलकाता


उपासना समर्पण योग वांग्मय
Ch - 2


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8th Nov , 2019

उपासना क्यों ??
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उपासना में भावना अनिवार्य है,
शरीर और प्राण में समग्रता अनिवार्य है।


केवल कर्मकांड कर लेना नहीं पर्याप्त है,
उपासना का सजीव होना अनिवार्य है।


 उपासना ही वट वृक्ष का वह बीज है,
पल्लवित पुष्पित होकर बन जाता शक्तिपुंज है।


ईश्वर की समीपता महापुरुष, भूदेव बना देती है,
अनुदान, वरदान, सिद्धियां प्राप्त करने का,
मार्ग प्रशस्त करती चली जाती है।।


गुरु चरणों में अर्पित
अनिता, कोलकाता


 टाॅपिक 1 , ch - 2 पूरा हुआ
उपासना समर्पण योग वांग्मय